श्रीनगर। संसद पर हमले के दोषी अफजल को क्षमादान देने के विवादास्पद प्रस्ताव पर जम्मू-कश्मीर विधानसभा में 28 सितंबर को चर्चा होगी और मतदान होगा।
यह प्रस्ताव निर्दलीय विधायक शेख अब्दुल रशीद ने पेश किया है, जिसमें अफजल को क्षमादान देने की मांग की गई है। अफजल को संसद पर हुए दिसंबर 2001 के हमले में संलिप्तता के चलते मौत की सजा सुनाई गई है।
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के मामले में तीन दोषियों की मौत की सजा माफ करने की मांग करते प्रस्ताव को तमिलनाडु विधानसभा द्वारा पारित करने के बाद राशिद ने यह प्रस्ताव पेश किया है।
विधानसभा सचिवालय को विधायकों से 39 प्रस्ताव मिले थे लेकिन नियमों के तहत किसी एक सत्र में सिर्फ सात प्रस्तावों पर ही चर्चा और मतदान हो सकता है। इस संबंध में कल ड्रा निकाला गया और राशिद का प्रस्ताव दूसरे स्थान पर चुना गया।
सत्तारूढ़ गठबंधन को छोड़कर घाटी के अलगाववादी और मुख्यधारा वाले नेताओं ने अफजल को क्षमादान देने की मांग का किसी न किसी रूप में समर्थन किया है, जबकि जम्मू के नेताओं ने इस विचार का विरोध किया है।
पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद और उनकी पुत्री मेहबूबा मुफ्ती के नेतृत्व वाली पीडीपी ने कहा है कि अफजल को मौत की सजा नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि उसे फांसी देने से कश्मीर के हालात पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

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