Thursday, 29 September 2011

shanker sena .

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अब हमेँ तलवार उठानी ही पडेगी ।
 दुश्मनोँ को अपनी ताकत दिखानी ही पडेगी ।
 हम नही कहते हिँसा करो मगर
हिँसा करने वालो को सबक सिखानी ही पडेगी ।

 बहुत हुई विनय व अहिसा की बाते
अब हर बात उनको उन्हीँ की जुँबा मेँ समझानी पडेगी ।
 हम नहीँ कहते तलवार उठा लो मगर ,
ढाल तो हमेँ अब उठानी ही पडेगी ।

 बहुत हुई गाँधीगीरी की बाते ,
अब तो गीता अपनानी पडेगी ।
 हममे से किसी न किसी को तो ,
 सनातन धर्म के लिए आवाज उठानी ही पडेगी

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सजा दो मौत की , वतन के साथ जो चाल करेँ ।
यह सरजमीँ नहीँ ऐसे बदचलन के लिए । 1 ।
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  जागो हिन्दुओँ जागो

आखिर कब खत्म होगा , कश्मीरी हिन्दुओँ का वनवास । 2011 मेँ कश्मीरी हिन्दुओँ के वनवास के 20 साल पूरे हो गये है । पर आज भी न तो कश्मीरी हिन्दु कश्मीर लौट सकते और ना ही सरकार इनके बारे मेँ सोच रहीँ है । इसलिए आज मैँ हिन्दुओँ से पूछता हुँ , कि आखिर कब कश्मीरी हिन्दुओँ को उनका खोया हुआ घर मिलेगा ? यह प्रश्न आज भी बना हुआ है और इसका जवाब आज भी किसी के पास नहीँ हैँ । इसलिए मैँ कहता हूँ कि मेरे हिन्दु भाइयोँ " जागो " अपना भला खुद सोचोँ वरना एक दिन पूरा हिन्दुस्तान कश्मीर बन जायेगा , और आप कुछ नहीँ कर पायेगेँ । इसलिए भाइयोँ आप लोग कश्मीरी हिन्दुओँ की मदद करेँ ।

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एक हिन्दू: क्या खोया है, क्या पाया है
आज तुम्हें बतलाते हैं
आओ साथियों, देशवासियो
भारत तुम्हें दिखाते हैं ॥
जिस गौ को गौमाता कहकर
गाँधी सेवा करते थे
जिसके उर में सभी देवता
वास हमेशा करते थे
हिन्द भले ही मुक्त हुआ हो
गौमाता बेहाल अभी
कटती गऊएँ किसे पुकारें
उनके सर है काल अभी
गौमाता की शोणित-बूँदें
जब धरती पर गिरती हैं
तब आज़ादी की व्याख्याएँ
ज्यों आरी से चिरती हैं
गौ भारत का जीवन-धन है
हिन्दू चिन्तन की धारा
गौमाता को जो काटे, वह
है माता का हत्यारा
कृष्ण कन्हैया की गऊओं की
गाथा करुण सुनाते हैं
कया खोया है, क्या पाया है
आज तुम्हें बतलाते हैं ॥
हिन्द देश की भाषा हिन्दी
संविधान में माता है
मैकाले की अँग्रेजी से
भारत जाना जाता हैं
राजघाट से राजपाट तक
अँग्रेजी की धूम बड़ी
औ’ हिन्दी, झोपड़-पटटी में
कैसी है मजबूर खड़ी
न्यायालय से अस्पताल तक
भाषा अब अँग्रेजी है
हिन्दी संविधान में बन्दी
रानी अब अँग्रेजी है
मन्त्री जी से सन्त्री जी तक
बोलें सब अँग्रेजी में
हर काँलिज, हर विद्यालय में
डोंलें सब अँग्रेजी में
अपनी भाषा हिन्दी से हम
क्यों इतना कतराते हैं
क्या खोया है.

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